दरबार साहिब में यादगार श्रद्धालुओं की नही बल्कि खालिस्तानी दहशतगर्दों की बन रही है
अमृतसर, 9 जून :
रेवेल्यूशनरी कम्युनिस्ट फ्रंट (आरसीएफ) और क्रंातिकारी छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के नेताओं क्रमश: राजविंदर राजा और जतिन मोहन सेठ ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब में स्थापित की जा रही यादगार कोई शहीद सिख श्रद्धालुओं की यादगार नहीं है। यह उन खालिस्तानी आंतकवादियों की यादगार है जिन्होंने पंजाब में निर्दोष लोगों को कत्लेआम किया और फिर अपने अपने को पुलिस आदि से बचाने के लिए श्री हरिमंदिर साहिब में घूस कर शरण ली। जब पंजाब में खलिस्तानी दहशतगर्दों के अत्याचार बढ़ गए तभी पंजाब को अत्याचारों से मुक्त करने के लिए सेना को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यादगार को स्थापित करना एक बार फिर नई युवा पीढ़ी में आतंक और अलग खालिस्तान की मांग का उठाने की एक सोची समझी साजिश है। आरसीएफ और एनएसएफ इस जन विरोधी साजिश का खुल कर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ झूठ बोल कर इतिहास को झूठा साबित करना चाहते है कि यादगार सिख श्रद्धालुओं की बनने जा रही है। जबकि स्पष्ट है कि यादगार खालिस्तानी दहशतगर्दों की बना कर एक बार फिर अकाली दल बादल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी पंजाब में हालातों को खराब करने की कोशिश कर रही है। अब पंजाब के लोग दोबारा पंजाब के भविष्य को दहशतगर्दी की काले अंधेरे में धकेलने नहीं देंगे।
जारी कर्ता
जतिन मोहन सेठ
राज्य सचिव
एनएसएफ
पंजाब